web hosting kya hai

Web Hosting क्या है? Hosting कहाँ से खरीदें ?

जब भी आप website या ब्लॉग बनाने के बारे में सोचते हैं तो आप यह शब्द जरूर सुनते होंगे वेब होस्टिंग (web hosting) तब आपके मन में यह जरूर आता होगा कि आखिर ये Web Hosting Kya Hai ? Web Hosting Kaam kaise karti hai? Web Hosting kaha Se Khareede? आज हम आपको इन्ही सब सवालों के जवाब देने जा रहें हैं वो भी हिंदी में |

आज की बढती टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर कोई इन्टरनेट से जुडा हुआ है जिससे यह सब terms बहुत आम हो चुके हैं इस दौर में हर किसी के मन में यह ख्याल आता है कि हम कैसे अपना ब्लॉग बना सकते है या website बना सकते हैं तब आप domain और web hosting के बारे में  हैं

क्योंकि किसी website या ब्लॉग की नींव Domain और Web Hosting ही होते हैं जिनमे से एक आपकी website को नाम देता है तो वही दूसरा आपकी वेबसाइट के लिए इन्टरनेट पर जगह देता है | चलिए विस्तार से समझते हैं     

इंटरनेट क्या है कैसे काम करता है 

आप सोच रहें होंगे की यहाँ इंटरनेट बीच में कैसे आया, लेकिन आपकी समझ बढाने के लिए यह समझना जरूरी है की इन्टरनेट कैसे काम करता है जैसा कि हमने पिछली post Domain Kya Hai ?  में आपको  बताया था की यह कैसे काम करता है तो हम यहाँ पर संक्षिप्त में समझते हैं 

इन्टरनेट एक जाल है computers का जो आपस में डाटा शेयर करते हैं या एक्सेस कर पाते हैं यह computers server का काम करते हैं जब एक computer public network से जुड़ जाता है तो वह इन्टरनेट का एक हिस्सा बन जाता है जिसे आप web host या web server कहते हैं  चलिए अब web hosting kya hai समझते है 

Web Hosting Kya Hai ? (What is Web Hosting)

Web Hosting आपको इन्टरनेट पर आपकी website के लिए जगह होती है | जो भी व्यक्ति अपनी website या blog बनाना चाहते हैं तो उन्हें web hosting याने कि इन्टरनेट पर जगह खरीदनी होती है जहाँ पर अपनी website का डाटा स्टोर किया जा सकता है 

Question : वेब होस्टिंग क्या है ?

Answer : Web Hosting इन्टरनेट का वह computer है जो आप रेंट पर लेते हैं अपनी website का डाटा स्टोर करने के लिए जिसे दुनिया में कही से भी access किया जा सकता है |

web hosting की सुविधा हमें इन्टरनेट की बहुत सी नामी कंपनिया provide कराती हैं जो आपको उनके web servers में जगह रेंट पर देती हैं जैसे हम किसी घर में रहने का किराया मकान मालिक को देते है ठीक उसी तरह हमें किराया web hosting company को देना होता है |

Web Hosting काम कैसे करता है ?

चलिए आसन तरीके से इसे समझने की कोशिश करते हैं जब भी आप को blog या website बनाते हैं तो आप चाहते हैं की आपकी services या Knowledge दूसरों तक शेयर करना चाहते है इसके लिए आप अपने ब्लॉग post या picture को web hosting पर अपलोड करना होता है ताकि users उसे access कर पायें |

जब भी कोई user अपने browser में आपके ब्लॉग का नाम डालता है जैसे इस स्थिति में https://bloguncle.com   जब भी browser में type किया जाता हैं तब domain web server पर एक request भेजता है जिस पेज को आप देखना चाहते हैं फिर उस request पर server respond करके उस web hosting पर उस फाइल को search करके आपको browser पर दिखा देगा ऐसे hosting एक संग्रहण ग्रह की तरह कार्य करता है 

Domain Name को web hosting या सर्वर से जोड़ने के लिए DNS (domain name servers) की मदद ली जाती है | और यह हर server के लिए अलग अलग होता हैं इसीलिए हर hosting company अपना name server provide करती  हैं 

 Web Hosting के प्रकार

Web Hosting के प्रकार निम्न हैं :

  • Shared web hosting service
  • Reseller web hosting
  • Virtual dedicated server
  • Dedicated hosting service
  • Managed hosting service
  • Colocation web hosting service
  • Cloud hosting
  • Clustered hosting
  • Grid hosting
  • Home Server

चलिए इनमे से कुछ को Short में समझते हैं

1. Shared Web Hosting

इसे नाम से ही समझा जा सकता है कि एक server पर अनेक websites host की जाती हैं ये सस्ती पड़ती हैं क्यों की इसमें RAM, CPU, STORAGE आदि साझा किया जाता है शुरुवात के लिए यह अच्छी मानी जाती है |

2. Reseller Web Hosting

कंपनिया web hosting का bussiness शुरू करने का अवसर देतीं हैं जिसमें ग्राहक किसी company से उनके server तथा फुल वर्चुअल access ले लेता है तथा अपने मन मुताबिक इसे users के लिए customize कर सकता है और उस server के हिस्से बनाकर दूसरों को shared hosting के रूप में बेच सकता है जिसमें technical support की जवाबदारी reseller द्वारा ली जाती है|

3. Virtual Dedicated Server/VPS

इसे Virtual Private Server भी कहते हैं इसमें आपकी website के डाटा को virtually मतलब उसके टुकड़े करके अलग अलग रख दिया जाता है जिसमें वह अपने resources का उपयोग अच्छे तरीके से कर सके

चलिए एक उदाहरण से समझते है की आप किसी होटल के रूम पर रुकते हैं और जब तक उस रूम पर रुकते है तब तक उसके सामन का प्रयोग करते हैं उसी प्रकार VPS कार्य करता है और जरूरत पड़ने पर यह खुद स्थानातरित भी हो सकता है

इसमें एक व्यक्ति ही अपनी websites को host कर सकता है  यह shared hosting से महंगा पड़ता है जो कि शुरुवात के लिए अच्छा नही माना जाता है जब आपकी website में ट्रैफिक ज्यादा बढ़ने लगे तब इसे उपयोग करना उचित होता है |

4. Dedicated Hosting Service

इस type के server में आपको सभी प्रकार के मालिकाना अधिकार दे दिए जाते हैं जिसमें server की सिक्यूरिटी और मैनेजमेंट आपके हिस्से में आ जाता हैं जिसमें मालिकाना अधिकार का मतलब only managable rights से है|

इसमें एक server पर एक ही website host की जा सकती है जिसमें चाहे कितना ही ट्रैफिक आ जाये आपको speed अच्छी ही मिलती है

इसे शुरुवात में प्रयोग करना पैसों का व्यय ही kaha जा सकता है क्यों की यह VPS से भी महंगी पड़ती है |

5. Cloud Hosting

यह एक नए type का hosting solution है जिसमें सभी प्रकार से लोड संतुलित server प्रदान किये जाते हैं जब भी server का एक हिस्सा डाउन चला जाता है तब cloud server उसकी क्षतिपूर्ति cloud करता है यह एक अत्यधिक विश्वसनीय hosting सर्विस है जो आपके द्वारा दिए गए पैसो के अनुरूप आपको सर्विस प्रदान करती है

Cloud Hosting में आपको हमेशा अच्छी speed देखने मिल जाती है जो हर समय एक जैसी होती है | इस hosting में बिजली व्यवधान या प्राकृतिक आपदाओं का भी फर्क नहीं पड़ता क्यों की इसमें servers विकेंद्रीकृत होते है (अलग अलग स्थानों पर |

यह Shared, VPS से महंगी होती है लेकिन उन सबसे अधिक विस्वसनीय होती है |

Web Hosting कहा से खरीदें?

Web Hosting Kya Hai समझने के बाद यह समझ लेते हैं कि Web Hosting कहाँ से खरीदें

Internet पर बहुत सी कम्पनियां हैं जो web hosting की सर्विस provide karti हैं लेकिन इनमें से कौन सी website आपके लिए सहीं होंगी यह निर्णय लेना बहुत कठिन हो जाता है

तो आपके लिए हम आज यह टास्क आसन किये देते हैं आपको hosting लेते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए 

1) Disk Space 

आपकी web hosting company आपको कितना कितना स्टोरेज provide कर रही है यह जान लेना आवश्यक होता है जैसा की computer में डिस्क स्पेस होता है 500 Gb, 1 TB etc. आज कल सभी अच्छी web provider कम्पनियां unlimited disk space provide करतीं हैं हो सके तो आप भी unlimted वाली hosting ही लें |

2) Bandwidth

website की प्रति सेकंड डाटा access करने की क्षमता ही bandwidth कहलाता है | अगर आपकी website का bandwidth कम होगा तो आपकी site पर आने वाले visitors downtime महसूस कर सकते हैं  इसीलिए server down न हो इसीलिए आप अच्छी website hosting company लेते समय bandwidth जरूर देख लें |

3) Uptime

website का अपटाइम सबसे important factor है web hosting का | जितनी देर आपकी website या blog online होगा accessable होगा वही website का अपटाइम कहलाता हैं | जब website किसी दिक्कत की वजह से खुल नहीं पता है तो उस time को down time कहा जाता है।

leading hosting कम्पनीज 99.99% तक Uptime देने का वादा करते है आप भी यह जरूर check कर लें |

4) Server Location

Server location web hosting लेते समय सबसे अहम भूमिका निभाता है अगर आप किसी website को India Specific बनाना चाहते हैं तो आपको server location हमेशा india या india से सबसे करीब किसी country में स्थित होना चाहिए इससे आपको speed अच्छी मिलती है 

अगर आपको कहीं India location न मिले तो आप Singapore के लिए भी चुन सकते हैं वह बाकी location की अपेक्षा पास है|

5) SSL Certificate

आप फ्री SSL सर्टिफिकेट भी जरूर check कर लें जो अधिकतर Let’s Encrypt Authority का होता है जो की अच्छी चॉइस हो सकती है|

6) Support

Web Hosting में सबसे जरूरी support होता है क्यों की अगर आप नए है इसमें तो आपकी छोटी छोटी Problems Hosting की Support Team की सुलझाएगी. सुनिश्चित करें की 24×7 Chat Support Provide किया जाता हो और Response Time 10 मिनट से ज्यादा न हो |

कुछ दिग्गज Web Hosting कम्पनिया जैसे  Big Rock, Godaddy, Hostgator.in, BlueHost, SiteGround, Hostinger.in हैं आप इन्ही में से hosting खरीद सकते हैं | 

Linux vs Windows Web Hosting in Hindi 

Web Hosting लेते समय आपको हमेशा 2 आप्शन जरूर दिखाई देंगे Linux और Windows Hosting तो चलिए आपको इसके बारे में जानकारी देते हैं

Windows और Linux दोनों ही operating system है जो computer और web server दोनों पर काम करते हैं जैसा की आप जानते ही है की windows के लिए हमेशा आपको licence लेना पड़ता है वाही linux open source software है इसीलिए यह सस्ता होता है windows की तुलना है जबकि कार्य करने की क्षमता में ज्यादा बेहतर है इसीलिए अधिकतर websites linux hosting पर ही run करती हैं |

Conclusion

आज आपने सीखा Web Hosting kya hai ? यह काम कैसे करती  है, hosting कितने प्रकार की होती है ? और hosting लेते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए | linux और windows hosting में क्या फर्क है अब आपको इसके लिए अन्यत्र कही जाने की आवश्कता नहीं है आप bloguncle के साथ इसी तरह  जुड़े रहें |

अगर आपको यह post ज्ञानवर्धक लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें |

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